अभी कुछ दिनों तक कोई जानता भी ना था ये युवा है कौन??
लेकिन मेहनत और संघर्ष ने ऐसा रंग लाया की रातों रात चमकता तारा बन गया सायद आप समझ गए हों-
जी हां
#प्राथमिक_विद्यालय_मूढाघाट_के_शिक्षक_सर्वेष्ट_मिश्रा
जिन्होंने अपने दम पर बिना किसी सरकारी सहायता का इंतज़ार किये प्राथमिक विद्यालय को ऐसा चमकाया की आस पास के बच्चे निजी विद्यालय जाने से कतराने लगे,
विद्यालय की रंगत का ऐसा असर मानव संसाधन विकास मंत्रालय पर पड़ा की जिले तो छोड़िए पूरे प्रदेश से एकमात्र शिक्षक सर्वेष्ट का चयन राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए किया गया।
देखने को मिलता है प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को लेकर हर विभाग में बड़ी नकारात्मकता भरी होती है कि मुफ्त का खाते हैं,
वर्तमान में 30-40 हजार रुपया है क्या ?
उसके बाद भी तमामा व्यवस्था उसी वेतन से ही उन्हें करना होता है क्योंकि सरकार हर छोटे काम के लिए राशि उपलब्ध नही कराती,
और अगर आपको ज्ञात ना हो तो एक बार एक सरकारी लोन के लिये अप्लाई कर दीजिए जितना लोन ना होगा उससे ज्यादा आप भागने दौड़ने में डूबा देंगे।
जितना चिल्लाना हो निजी संस्थानों पर चिल्लाइये जहाँ हमारी औलाद को पढ़ाने के लिए मोटी रकम साथ कदम कदम पर व्यवस्था का रुपया अलग से देते हैं।।
ऐसे ही कुछ शिक्षकों को आत्मिक वंदन,
और व्यवसाई शिक्षकों को फलने फूलने की शुभकामनाएं ।।जय राष्ट्र

A few days ago, No one even knew who is this young Man??
But the hard work and struggle took such a color that the night became shining, perhaps you must have understood it by now.
Yes, #प्राथमिकविद्यालयमूढाघाटकेशिक्षकसर्वेष्टमिश्रा
Those who wait for any government support without any government help to go to the primary school that they are going to go to private school.
The tone of the school’s tone has been made for the National Award for the National Award.
To see the teachers of primary school, there are big negativity in each department that they eat free.
Is there currently 30-40 thousand rupees?
Even after that, the tamāmā system has to be done with the same salary as the government does not offer the amount for every small job.
And if you do not know, please apply for a government loan once more than a loan, you will be drowned in running away.
Shout out to the private institutions as much as you shout, where we give up the amount of order to teach our children with a thick amount of money. .
Spiritual salutation to some teachers.
And best wishes of flowers to flourish teachers. . Hail the nation

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Ashutosh Ojha

Bureau Chief of reputed organization. Free speech advocate and excellent writer.

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