मीडिया बनाम वेस्यालय (how media is helping society by being in the society )

आज भी कुछ अच्छा पत्रकार और पत्रकारिता है जिसके कारण स्तम्भ टिका है,
वरना ई जो लोग हिला रहा है ना अब तक उखड़ के गिर गया होता,
मने धीरे धीरे कोठे तक हमारी मीडिया पहुँच गयी है फिर से चौखट के अंदर तक लाया कैसे जाय समस्या इस बात की है?
फिर भी हम वेस्यालय में वेस्या बन समाज की सुरक्षा करता रहूंगा।।

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