India

Know Hindi Official Language of the Union of India

Hindi is the fourth-most-widely spoken language in the world, but this includes not only Hindu speakers of Hindustani, but also people who identify as native speakers of related languages who consider their speech to be a dialect of Hindi, the Hindi belt. In the 2001 Indian census, 258 million (258,000,000) people in India reported Hindi to be their native language; as of 2009, the best figure Ethnologue could find for speakers of actual Hindustani Hindi was 180 million in 1991. {Wiki Hindi}

On 14th September 1949 Hindi was adopted as the Official Language of the Union of India. Later in 1950, the Constitution of India declared Hindi in the Devanagari script as the Official language of India. Apart from Hindi, English is also recognized as an Official Language of India. Different states of India identify their own official languages through legislation.

हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है  और कोई भी अक्षर वैसा क्यूँ है  उसके पीछे कुछ कारण है, अंग्रेजी भाषा में यह बात देखने में नहीं आती ।
क, ख, ग, घ, ङ- कंठव्य कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय ध्वनि कंठ से निकलती है ।
एक बार बोल कर देखिये ।

{loadposition wtext}

च, छ, ज, झ,ञ- तालव्य कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ तालू से लगती है ।
एक बार बोल कर देखिये ।

ट, ठ, ड, ढ , ण- मूर्धन्य कहे गए, क्योंकि इनका उच्चारण जीभ के मूर्धा से लगने पर ही सम्भव है ।
एक बार बोल कर देखिये ।
 

त, थ, द, ध, न- दंतीय कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ दांतों से लगती है ।
एक बार बोल कर देखिये ।

प, फ, ब, भ, म,- ओष्ठ्य कहे गए, क्योंकि इनका उच्चारण ओठों के मिलने पर ही होता है ।
एक बार बोल कर देखिये ।

हम अपनी भाषा पर गर्व करते हैं, यह सही है परन्तु लोगो को इसका कारण भी बताईये ।इतनी वैज्ञानिकता दुनिया की किसी भाषा मे नही है ।।
जय हिन्द ।।

क,ख,ग क्या कहता है जरा गौर करें…

क – क्लेश मत करो
ख- खराब मत करो
ग- गर्व ना करो
घ- घमण्ड मत करो
च- चिँता मत करो
छ- छल-कपट मत करो
ज- जवाबदारी निभाओ
झ- झूठ मत बोलो
ट- टिप्पणी मत करो
ठ- ठगो मत
ड- डरपोक मत बनो
ढ- ढोंग ना करो
त- तैश मे मत रहो
थ- थको मत
द- दिलदार बनो
ध- धोखा मत करो
न- नम्र बनो
प- पाप मत करो
फ- फालतू काम मत करो
ब- बिगाङ मत करो
भ- भावुक बनो
म- मधुर बनो
य- यशस्वी बनो
र- रोओ मत
ल- लोभ मत करो
व- वैर मत करो
श- शत्रुता मत करो
ष- षटकोण की तरह स्थिर रहो
स- सच बोलो
ह- हँसमुख रहो
क्ष- क्षमा करो
त्र- त्रास मत करो
ज्ञ- ज्ञानी बनो !!

14th September is recognized as Hindi Diwas and is celebrated in Many schools, colleges and organizations along with some special competitions on Hindi, such as poetry writing,speech, etc.

Comments

comments

HTML Snippets Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: